जानिए क्यों गाय को "माँ" कहा गया है – विज्ञान, धर्म और जीवन से जुड़ी सच्चाइयाँ।

गाय माता: 10 तथ्य जो हर भारतीय को जानने चाहिए

शास्त्रों में कहा गया है कि गाय की पीठ पर 33 करोड़ नहीं, 33 "प्रकार" के देवताओं का वास होता है।

गाय की पीठ पर 33 कोटि देवता

वैज्ञानिकों ने माना है कि गाय का गोबर बैक्टीरिया को मारने में मदद करता है और पर्यावरण शुद्ध करता है।

गाय के गोबर से घर शुद्ध होता है

गौमूत्र में 24 प्रकार के पोषक तत्त्व होते हैं जो कई बीमारियों में लाभकारी हैं।

गाय का मूत्र – एक औषधि

गाय के दूध में A2 प्रोटीन पाया जाता है, जो बच्चों और बुजुर्गों दोनों के लिए अमृत समान है।

गाय का दूध सबसे संतुलित आहार

दूध, दही, घी, गोबर और मूत्र – इन पांच चीजों को मिलाकर पंचगव्य बनता है जो शरीर को रोगमुक्त करता है।

गाय से निकला पंचगव्य

बायोगैस प्लांट में गाय का गोबर इस्तेमाल कर बिजली और गैस दोनों बनाई जाती है।

गाय के गोबर से बिजली बनती है

रोज सुबह गाय को छूना और सेवा करना तनाव और चिंता को दूर करता है – वैज्ञानिक भी मानते हैं।

गाय का स्पर्श – मानसिक शांति का स्रोत

गाय के गले में बंधी घंटी उसे झुंड से अलग नहीं होने देती और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करती है।

गाय के गले में घंटी क्यों बाँधी जाती है?

भारत में गाय को पूजना आस्था ही नहीं, स्वास्थ्य और पर्यावरण से जुड़ा विज्ञान है।

गाय का महत्व सिर्फ धर्म नहीं, विज्ञान भी कहता है