अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक नई रिपोर्ट ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump को सलाह दी गई है कि वे ईरान के साथ चल रहे युद्ध को लेकर एक स्पष्ट “Trump Iran War Exit Plan” पेश करें। हालांकि व्हाइट हाउस ने इस रिपोर्ट को पूरी तरह खारिज करते हुए इसे “बकवास” बताया है। इसके बावजूद यह मुद्दा अमेरिकी राजनीति और अंतरराष्ट्रीय मंच पर चर्चा का बड़ा विषय बन गया है।
Trump Iran War Exit Plan: सलाहकारों ने दी चेतावनी
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप के कुछ सलाहकारों ने उन्हें चेतावनी दी है कि अगर युद्ध लंबा चलता है तो इसका असर उनके राजनीतिक समर्थन पर पड़ सकता है। सलाहकारों का मानना है कि जनता को यह बताया जाना जरूरी है कि इस युद्ध का अंतिम लक्ष्य क्या है और इसका “Trump Iran War Exit Plan” क्या होगा। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि व्हाइट हाउस को इस युद्ध को लेकर एक मजबूत और आक्रामक सार्वजनिक संदेश तैयार करना चाहिए, ताकि अमेरिकी जनता को समझाया जा सके कि युद्ध क्यों जरूरी है।
Wall Street Journal की रिपोर्ट
यह पूरी चर्चा उस समय शुरू हुई जब The Wall Street Journal ने एक रिपोर्ट प्रकाशित की। रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी अधिकारियों ने युद्ध के कई संभावित लक्ष्यों का जिक्र किया है, जिनमें शामिल हैं:
- ईरान के मिसाइल कार्यक्रम को खत्म करना
- ईरानी नौसेना को कमजोर करना
- क्षेत्रीय प्रॉक्सी समूहों को मिलने वाले समर्थन को रोकना
- और ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना
इन उद्देश्यों को लेकर ही Trump Iran War Exit Plan की चर्चा तेज हो गई है।
युद्ध के लक्ष्य को लेकर अलग-अलग बयान
अमेरिकी प्रशासन के भीतर भी इस युद्ध के उद्देश्य को लेकर अलग-अलग बयान सामने आए हैं। अमेरिकी रक्षा प्रमुख Pete Hegseth ने कहा कि यह युद्ध अभी शुरू ही हुआ है और आगे लंबे समय तक चल सकता है। वहीं विदेश मंत्री Marco Rubio का कहना है कि यह युद्ध तब शुरू हुआ जब अमेरिका को इज़राइल की योजनाओं की जानकारी मिली। इन विरोधाभासी बयानों के कारण भी Trump Iran War Exit Plan को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
व्हाइट हाउस ने रिपोर्ट को बताया ‘फर्जी’
व्हाइट हाउस ने इस रिपोर्ट को सिरे से खारिज कर दिया है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव Karoline Leavitt ने कहा कि रिपोर्ट में जिन लोगों का हवाला दिया गया है, वे राष्ट्रपति ट्रंप के साथ बैठकों में शामिल ही नहीं होते।
उन्होंने कहा, “यह कहानी पूरी तरह बकवास है और गुमनाम सूत्रों पर आधारित है। राष्ट्रपति ट्रंप के शीर्ष सलाहकार 24 घंटे काम कर रहे हैं ताकि Operation Epic Fury सफल हो सके।” उन्होंने यह भी कहा कि इस अभियान को कब खत्म किया जाएगा, इसका फैसला केवल राष्ट्रपति ट्रंप ही करेंगे। अमेरिकी जनता का समर्थन?
Karoline Leavitt ने यह भी दावा किया कि अधिकांश अमेरिकी नागरिक ईरानी शासन से उत्पन्न खतरे को खत्म करना चाहते हैं। उनके मुताबिक जनता आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई का समर्थन करती है और राष्ट्रपति ट्रंप इसी लक्ष्य को हासिल करने के लिए काम कर रहे हैं। यही वजह है कि व्हाइट हाउस का कहना है कि फिलहाल Trump Iran War Exit Plan को लेकर कोई चिंता की बात नहीं है।
ईरान में सत्ता परिवर्तन
इस बीच ईरान में भी बड़ा राजनीतिक बदलाव हुआ है। अमेरिका और इज़राइल द्वारा किए गए हवाई हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर Ayatollah Ali Khamenei की मौत के बाद उनके बेटे Mojtaba Khamenei को देश का नया सुप्रीम लीडर चुना गया है।
यह फैसला ऐसे समय आया है जब ईरान और अमेरिका के बीच संघर्ष लगातार तेज हो रहा है। ट्रंप का नया बयान राष्ट्रपति ट्रंप ने नए ईरानी नेता को लेकर भी बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि नया नेता ज्यादा समय तक सत्ता में नहीं टिक पाएगा अगर उसे अमेरिकी समर्थन नहीं मिला। वहीं इज़राइल ने भी संकेत दिया है कि नया ईरानी नेता उनके निशाने पर हो सकता है।
➡️ ईरान युद्ध को लेकर आई रिपोर्ट में दावा किया गया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को एक स्पष्ट Trump Iran War Exit Plan पेश करने की सलाह दी गई है। इस बारे में Wall Street Journal report के अनुसार सलाहकारों ने चेतावनी दी कि लंबा युद्ध ट्रंप के समर्थन आधार को प्रभावित कर सकता है।
➡️ हालांकि White House statement में इस रिपोर्ट को खारिज करते हुए कहा गया कि राष्ट्रपति के सलाहकार लगातार ऑपरेशन की सफलता पर काम कर रहे हैं।
पश्चिम एशिया में बढ़ता युद्ध
वर्तमान में स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है।
- ईरान अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना रहा है
- तेहरान ने खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य संपत्तियों पर हमले किए
- इज़राइल ने लेबनान में Hezbollah के ठिकानों पर हमले तेज कर दिए
इन घटनाओं ने पूरे क्षेत्र को युद्ध के मुहाने पर ला खड़ा किया है।
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कितने समय तक चलेगा युद्ध?
राष्ट्रपति ट्रंप ने पहले कहा था कि ईरान में सैन्य अभियान लगभग चार हफ्ते तक चल सकता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिका के पास इतना हथियार है कि वह “हमेशा चलने वाला युद्ध” भी लड़ सकता है। वहीं ईरान की Revolutionary Guards ने कहा है कि वे कम से कम छह महीने तक लड़ने के लिए तैयार हैं। न्यूक्लियर वार्ता के बीच हमला दिलचस्प बात यह है कि यह सैन्य टकराव उस समय शुरू हुआ जब अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत चल रही थी। इन वार्ताओं का उद्देश्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम को नियंत्रित करना था, लेकिन युद्ध शुरू होने के बाद यह प्रक्रिया लगभग ठप हो गई है।
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कुल मिलाकर Trump Iran War Exit Plan को लेकर बहस तेज होती जा रही है। एक तरफ रिपोर्ट्स कह रही हैं कि ट्रंप के सलाहकार उन्हें युद्ध से बाहर निकलने की रणनीति बनाने की सलाह दे रहे हैं, वहीं व्हाइट हाउस इन खबरों को पूरी तरह खारिज कर रहा है। इस बीच अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच लगातार हो रहे हमलों ने पूरे पश्चिम एशिया को अस्थिर बना दिया है।
अब दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या अमेरिका जल्द कोई स्पष्ट Trump Iran War Exit Plan पेश करेगा या यह संघर्ष और लंबा खिंच सकता है।
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