US-Israel-Iran War Live Updates इस समय दुनिया की सबसे बड़ी खबर बनी हुई है। अमेरिका, इज़रायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष ने वैश्विक राजनीति को हिला दिया है। इसी बीच भारत ने साफ कर दिया है कि खाड़ी क्षेत्र में रह रहे लगभग 1 करोड़ भारतीयों की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हालात तेजी से बदल रहे हैं और दुनिया की नजरें इस जंग के अगले कदम पर टिकी हैं।
पहली बड़ी कार्रवाई और बढ़ता तनाव
US-Israel-Iran War Live Updates के अनुसार, शनिवार को हुए पहले दौर के हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता आयतोल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुरुआत में ईरानी जनता से अपनी सरकार के खिलाफ उठ खड़े होने की अपील की। हालांकि कुछ ही समय बाद उन्होंने कहा कि इज़रायल के साथ मिलकर शुरू की गई यह जंग ‘रेजीम चेंज’ के लिए नहीं है।
ट्रंप और इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू द्वारा शुरू किए गए इस सैन्य अभियान को पेंटागन ने “Epic Fury” नाम दिया है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यह संघर्ष चार हफ्ते या उससे ज्यादा चल सकता है और ईरान पर और भी विनाशकारी हमले किए जा सकते हैं। करीब 9 करोड़ की आबादी वाले ईरान में सैकड़ों लोगों की मौत की खबरें आ चुकी हैं।
अमेरिका के चार मुख्य लक्ष्य
आलोचना के बीच US-Israel-Iran War Live Updates में ट्रंप प्रशासन ने सोमवार को अपने चार मुख्य सैन्य उद्देश्यों को स्पष्ट किया। इनमें शामिल हैं:
- ईरान की नौसेना और सैन्य क्षमताओं को नष्ट करना
- क्षेत्रीय उग्रवादी समूहों को तेहरान का समर्थन खत्म कराना
- ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने से रोकना
- उसकी रणनीतिक ताकत को कमजोर करना
अटलांटिक काउंसिल के उपाध्यक्ष मैथ्यू क्रोनिग का मानना है कि ट्रंप अपने कई लक्ष्यों को पहले ही हासिल कर चुके हैं, खासकर एक ऐसे नेता को खत्म करके जिसे अमेरिका लंबे समय से प्रतिद्वंद्वी मानता था। उन्होंने कहा कि प्रशासन इराक और अफगानिस्तान जैसे लंबे युद्ध से बचना चाहता है। उनके मुताबिक, “वे कभी भी इसे सफलता घोषित कर घर लौट सकते हैं। रणनीति ज्यादा इस बात पर केंद्रित है कि वे क्या टालना चाहते हैं।”
ईरान का रुख और संभावित जवाब
दूसरी ओर, सेंटर फॉर इंटरनेशनल पॉलिसी की सीनियर फेलो नेगार मोर्तजावी का कहना है कि ईरान इतनी जल्दी युद्धविराम नहीं चाहेगा। उनके अनुसार, तेहरान यह दिखाना चाहता है कि वह जवाब देने में सक्षम है ताकि भविष्य में ऐसे हमलों को रोका जा सके। उन्होंने कहा, “उनका लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि अमेरिका, इज़रायल और पड़ोसी देशों को इसका दर्द महसूस हो।”
इज़रायल की रणनीति
US-Israel-Iran War Live Updates के तहत इज़रायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के लिए ईरान की सैन्य ताकत को कमजोर करना प्रमुख उद्देश्य माना जा रहा है। इससे पहले इज़रायल सीरिया में भी अपने विरोधियों को कमजोर करने के लिए कई हमले कर चुका है। 7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले के बाद नेतन्याहू ने गाजा में बड़ा सैन्य अभियान शुरू किया था। हमास को ईरान का समर्थन प्राप्त है, और यही इस जंग की बड़ी पृष्ठभूमि बन चुका है।
“डेमोक्रेसी बिल्डिंग” नहीं: अमेरिका का संदेश
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने साफ किया कि यह संघर्ष “डेमोक्रेसी बिल्डिंग” का प्रयास नहीं है और इसमें “कोई बेवकूफी भरे नियम” नहीं होंगे। यानी अमेरिका इस बार स्पष्ट सैन्य लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहा है। वहीं, विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि अमेरिका चाहेगा कि ईरानी जनता अपनी सरकार को बदल दे, लेकिन आधिकारिक रूप से यह युद्ध ‘रेजीम चेंज’ के लिए नहीं है। असली मकसद क्या है? कुछ विश्लेषकों का मानना है कि US-Israel-Iran War Live Updates में दिख रही रणनीति का असली लक्ष्य ईरान की सरकार को भीतर से कमजोर करना है। क्विंसी इंस्टीट्यूट के ट्रिटा पारसी ने इसे “रेजीम चेंज नहीं, बल्कि रेजीम इम्प्लोजन” बताया।
उनके अनुसार, “उम्मीद यह है कि ईरान की क्षमताओं और राज्य की दमनकारी ताकत को जितना संभव हो सके कमजोर किया जाए।” इज़रायल के नजरिए से देखें तो ईरान के और कमजोर होने से क्षेत्र में तेहरान का प्रभाव घटेगा। ईरान में संभावित बदलाव? ईरान के पूर्व पश्चिम समर्थक शाह के बेटे रेजा पहलवी ने भरोसा जताया है कि मौजूदा धार्मिक नेतृत्व अंततः गिर सकता है। उन्होंने ईरानी जनता से सही समय आने पर उठ खड़े होने का आह्वान किया है। काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस के सैन्य इतिहासकार मैक्स बूट का कहना है कि ट्रंप की रणनीति जानबूझकर अस्पष्ट रखी गई है। उनका मानना है कि चाहे नतीजा कुछ भी हो, ट्रंप इसे अपनी जीत बताएंगे। “वह जो भी होगा, उसे बड़ी जीत घोषित करेंगे,” बूट ने कहा।
भारत की चिंता: 1 करोड़ भारतीयों की सुरक्षा
US-Israel-Iran War Live Updates के बीच भारत ने साफ संकेत दिया है कि खाड़ी क्षेत्र में रह रहे लगभग 1 करोड़ भारतीयों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सरकार हालात पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर निकासी योजना तैयार रखने की बात कही गई है।
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यह जंग कितने समय चलेगी, यह साफ नहीं है। चार हफ्ते या उससे अधिक समय तक संघर्ष चलने की संभावना जताई गई है। अमेरिका सैन्य लक्ष्य हासिल करने पर जोर दे रहा है, जबकि ईरान जवाबी कार्रवाई के संकेत दे रहा है।
US-Israel-Iran War Live Updates फिलहाल यही दिखा रहे हैं कि यह संघर्ष सिर्फ तीन देशों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका असर पूरे मध्य पूर्व और वैश्विक राजनीति पर पड़ेगा। दुनिया इंतजार कर रही है क्या यह टकराव जल्दी थमेगा या इतिहास में एक और लंबे युद्ध के रूप में दर्ज होगा?
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