नई दिल्ली: स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर देश को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारत की तेज़ रफ्तार अर्थव्यवस्था, रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और राष्ट्रीय एकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2023-24 में 6.5% GDP ग्रोथ के साथ भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था है, जबकि वैश्विक आर्थिक दबाव के बावजूद घरेलू मांग, नियंत्रित महंगाई और बढ़ते निर्यात ने अर्थव्यवस्था को मजबूती दी है।
राष्ट्रपति ने कहा, “पिछले वित्त वर्ष में 6.5% GDP ग्रोथ के साथ भारत दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज़ बढ़ रहा है। वैश्विक मंदी के माहौल में भी घरेलू मांग तेज़ी से बढ़ी है, महंगाई नियंत्रण में रही है और निर्यात में इजाफा हुआ है। सभी प्रमुख संकेतक दिखा रहे हैं कि हमारी अर्थव्यवस्था स्वस्थ है।”
ऑपरेशन सिंदूर’ – आत्मनिर्भर भारत की ताकत
राष्ट्रपति मुर्मू ने अप्रैल में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर को देश की एकता और रक्षा क्षमता का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर ने दिखा दिया कि हमारी सेनाएं देश की सुरक्षा के लिए हर स्थिति का सामना करने में सक्षम हैं। रणनीतिक स्पष्टता और तकनीकी क्षमता के साथ उन्होंने सीमा पार आतंकी ठिकानों को नष्ट किया।”
उन्होंने इसे आत्मनिर्भर भारत मिशन का अहम टेस्ट केस बताया और कहा कि स्वदेशी रक्षा उत्पादन अब ऐसे स्तर पर पहुंच चुका है जहां हम अपनी कई सुरक्षा ज़रूरतें खुद पूरी कर सकते हैं।
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इंफ्रास्ट्रक्चर और कश्मीर रेल लिंक पर गर्व
राष्ट्रपति ने सड़कों और रेलवे में हुई प्रगति का भी जिक्र किया। भारतमाला परियोजना के तहत लगभग 50,000 किमी नए नेशनल हाईवे बनाए जा रहे हैं। रेलवे ने भी नई तकनीक से लैस ट्रेनें और कोच पेश किए हैं। उन्होंने कश्मीर घाटी में रेल लिंक की शुरुआत को एक बड़ी उपलब्धि बताया।
डिजिटल इंडिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस
मुर्मू ने कहा कि लगभग सभी गांवों में 4G कनेक्टिविटी है और बाकी कुछ हज़ार गांव भी जल्द जुड़ जाएंगे। इससे डिजिटल पेमेंट्स का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल संभव हुआ है और भारत इस क्षेत्र में दुनिया का लीडर बन गया है। अगला कदम है आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में प्रगति।
सामाजिक योजनाएं, खेल और अंतरिक्ष में उपलब्धियां
राष्ट्रपति ने कहा कि सरकार का सामाजिक योजनाओं पर बढ़ा खर्च गरीबों और वंचित वर्ग के उत्थान के प्रति प्रतिबद्धता दिखाता है। उन्होंने ‘स्वदेशी’ को बढ़ावा देने और स्थानीय उत्पाद खरीदने की अपील की।
वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत की मजबूती
राष्ट्रपति का संबोधन ऐसे समय आया है जब दुनिया आर्थिक विखंडन और बड़े देशों के बीच व्यापार युद्ध से जूझ रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में भारत पर रूसी तेल आयात को लेकर प्रतिबंध लगाए और इसे ‘डेड इकोनॉमी’ कहा। वहीं, चीन के ‘रेयर अर्थ मैगनेट’ निर्यात नियंत्रण आदेश ने इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे क्षेत्रों को प्रभावित किया है।
भारत अब इन आपूर्ति श्रृंखला चुनौतियों का सामना करने के लिए अमेरिका समेत अन्य देशों के साथ मिलकर काम कर रहा है। इसी माह 31 अगस्त से शुरू होने वाली शंघाई सहयोग संगठन (SCO) बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीन का दौरा करेंगे।