सोने के दामों में इस समय जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में मजबूती के बावजूद शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स के लिए यह काफी रिस्की साबित हो सकता है। Gold price prediction के हिसाब से, आने वाले दिनों में सोना बुलिश (तेजी) मोमेंटम बनाए रख सकता है। लेकिन 3 अक्टूबर 2025 को एक्सपर्ट्स का कहना है कि मौजूदा चार्ट पैटर्न और तकनीकी संकेत एक ‘Sell on Rise’ रणनीति की तरफ इशारा कर रहे हैं।
LKP Securities के VP रिसर्च एनालिस्ट (कमोडिटी और करेंसी) जतिन त्रिवेदी का मानना है कि सोने का लॉन्ग-टर्म ट्रेंड मजबूत है, लेकिन इंट्राडे ट्रेडर्स को सावधानी बरतनी होगी।
क्यों है ‘Sell on Rise’ रणनीति फायदेमंद?
सोने का ट्रेंड कुल मिलाकर बुलिश है, लेकिन शॉर्ट-टर्म चार्ट पर यह थोड़ा ओवरबॉट (Overbought) दिखाई दे रहा है। इसका मतलब है कि कीमतें काफी तेजी से ऊपर गई हैं और अब मुनाफा वसूली (Profit Booking) की संभावना बढ़ गई है।
- इंट्राडे स्ट्रैटेजी: Sell on Rise (उठने पर बेचो)
- रिज़िस्टेंस लेवल (Entry Zone): ₹1,17,250 – ₹1,17,400
- स्टॉप लॉस (SL): ₹1,18,200
- टारगेट (TGT): ₹1,16,400
यह रणनीति खासतौर पर उन ट्रेडर्स के लिए है, जो शॉर्ट-टर्म में ट्रेड करते हैं और रिस्क मैनेजमेंट के साथ काम करते हैं।
क्यों दी जा रही है Sell on Rise की सलाह?
- टेक्निकल इंडिकेटर्स – RSI और Bollinger Bands जैसे संकेतक बता रहे हैं कि सोना ओवरबॉट ज़ोन में है।
- प्राइस एक्शन – ₹1,17,250 – ₹1,17,400 के बीच सोने ने पहले भी सेलिंग प्रेशर का सामना किया है।
- प्रॉफिट बुकिंग का दबाव – शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स मुनाफा निकाल सकते हैं, जिससे कीमतों में अस्थायी गिरावट आएगी।
यानी, जबकि ट्रेंड ऊपर की तरफ है, तकनीकी चार्ट एक छोटी करेक्शन (Correction) की संभावना दिखा रहे हैं।
Gold Intraday Trading View
जतिन त्रिवेदी के अनुसार, इंट्राडे ट्रेडर्स को ‘Sell on Rise’ का विकल्प अपनाना चाहिए। लेकिन यह रणनीति Counter-trend Trade है, यानी आप मुख्य ट्रेंड (बुलिश) के खिलाफ ट्रेड कर रहे हैं। ऐसे में सख्त स्टॉप-लॉस और डिसिप्लिन ज़रूरी है।
- अगर सोना ₹1,17,250 – ₹1,17,400 के रेजिस्टेंस लेवल तक जाता है, तो यहां से बिकवाली की जा सकती है।
- ₹1,18,200 से ऊपर जाने पर ट्रेड छोड़ देना चाहिए (स्टॉप-लॉस हिट)।
- शॉर्ट-टर्म टारगेट ₹1,16,400 का है, जहां एक सपोर्ट लेवल बन रहा है।
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Gold price prediction: आगे का ट्रेंड
लॉन्ग-टर्म में सोने का ट्रेंड अभी भी मजबूती दिखा रहा है। महंगाई, डॉलर इंडेक्स और ग्लोबल इकोनॉमिक अनिश्चितता के चलते गोल्ड को सपोर्ट मिल रहा है। ऐसे में, बड़े निवेशकों और लॉन्ग-टर्म होल्डर्स के लिए तेजी का ट्रेंड बरकरार है।
लेकिन इंट्राडे या शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स के लिए मौजूदा सेटअप एक हाई-रिस्क, हाई-रिवॉर्ड मौका है। जो लोग फुर्ती से ट्रेड करते हैं और कड़े रिस्क मैनेजमेंट के साथ चलते हैं, उनके लिए यह रणनीति फायदेमंद साबित हो सकती है।
नतीजा
- Gold price prediction बताता है कि सोने का ट्रेंड अभी भी बुलिश है।
- लेकिन 3 अक्टूबर 2025 के लिए तकनीकी संकेत ‘Sell on Rise’ की रणनीति को सही ठहरा रहे हैं।
- इंट्राडे ट्रेडर्स को यह समझना होगा कि यह शॉर्ट-टर्म करेक्शन पर आधारित रणनीति है, न कि लॉन्ग-टर्म ट्रेंड रिवर्सल।
यानी, अगर आप शॉर्ट-टर्म ट्रेड कर रहे हैं तो उठने पर बेचने की सोच सकते हैं। लेकिन लॉन्ग-टर्म निवेशकों को घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि सोने की बड़ी तस्वीर अब भी तेज़ी की है।
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डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दिए गए विचार और रणनीतियाँ केवल मार्केट एक्सपर्ट्स की निजी राय हैं। यहां बताए गए Gold price prediction को निवेश की गारंटी या सलाह न समझें। सोने की कीमतें डॉलर इंडेक्स, ब्याज दरें, महंगाई और ग्लोबल मार्केट जैसे कई कारकों पर निर्भर करती हैं। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से राय ज़रूर लें।
अधिक जानकारी और गाइडलाइंस के लिए SEBI की आधिकारिक वेबसाइट देखें।
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