भारत में Gold prices drop की खबर ने फिर निवेशकों और खरीदारों का ध्यान खींच लिया है। सोमवार, 27 अक्टूबर को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने के भाव में गिरावट दर्ज की गई। डॉलर की मजबूती और अमेरिका-चीन के बीच व्यापारिक तनाव में नरमी की उम्मीदों के चलते यह गिरावट आई है।
MCX पर Gold prices drop जानिए ताज़ा दरें
सोमवार सुबह 9:32 बजे, MCX पर दिसंबर फ्यूचर्स का सोना 0.78% गिरकर ₹1,22,490 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया।
वहीं, सिल्वर दिसंबर कॉन्ट्रैक्ट्स 1.07% गिरकर ₹1,45,898 प्रति किलोग्राम हो गए।
इंडियन बुलियन एसोसिएशन (IBA) के डेटा के मुताबिक
- 24 कैरेट सोना ₹1,22,590 प्रति 10 ग्राम
- 22 कैरेट सोना ₹1,12,374 प्रति 10 ग्राम
- चांदी (Silver 999 Fine) ₹1,46,380 प्रति किलोग्राम
स्पष्ट है कि सोमवार को भारत में Gold prices drop का असर साफ देखा गया।
20 साल का रिकॉर्ड: सोने की शानदार बढ़त के बावजूद आज क्यों गिरावट?
अगर बीते दो दशकों का डेटा देखें तो gold prices ने निवेशकों को चौंकाने वाले रिटर्न दिए हैं। 2005 में जहां सोना ₹7,638 प्रति 10 ग्राम था, वहीं 2025 (सितंबर तक) यह ₹1,25,000 तक पहुंच गया यानी लगभग 1,200% की बढ़त। पिछले 20 सालों में 16 साल ऐसे रहे जब सोने ने पॉज़िटिव रिटर्न दिए, और 2025 में तो अब तक 56% Year-to-Date (YTD) उछाल देखने को मिला है। लेकिन इस समय डॉलर की मजबूती और ग्लोबल मार्केट के संकेतों ने अस्थायी तौर पर Gold prices drop की स्थिति बना दी है।
शहरवार सोने और चांदी के रेट 27 अक्टूबर की रिपोर्ट
मुंबई (Mumbai)
- गोल्ड बुलियन रेट: ₹1,21,960 / 10 ग्राम
- MCX गोल्ड रेट: ₹1,21,868 / 10 ग्राम
- सिल्वर बुलियन रेट: ₹1,45,540 / किलोग्राम
- MCX सिल्वर 999: ₹1,45,438 / किलोग्राम
पुणे (Pune)
- गोल्ड बुलियन रेट: ₹1,21,960 / 10 ग्राम
- MCX गोल्ड रेट: ₹1,21,868 / 10 ग्राम
- सिल्वर बुलियन रेट: ₹1,45,540 / किलोग्राम
- MCX सिल्वर रेट: ₹1,45,438 / किलोग्राम
नई दिल्ली (New Delhi)
- गोल्ड बुलियन रेट: ₹1,21,790 / 10 ग्राम
- MCX गोल्ड रेट: ₹1,21,868 / 10 ग्राम
- सिल्वर बुलियन रेट: ₹1,45,330 / किलोग्राम
- MCX सिल्वर 999: ₹1,45,438 / किलोग्राम
कोलकाता (Kolkata)
- गोल्ड बुलियन रेट: ₹1,21,840 / 10 ग्राम
- MCX गोल्ड रेट: ₹1,21,868 / 10 ग्राम
- सिल्वर बुलियन रेट: ₹1,45,390 / किलोग्राम
- MCX सिल्वर 999: ₹1,45,438 / किलोग्राम
अहमदाबाद (Ahmedabad)
- गोल्ड बुलियन रेट: ₹1,22,160 / 10 ग्राम
- MCX गोल्ड रेट: ₹1,21,868 / 10 ग्राम
- सिल्वर बुलियन रेट: ₹1,45,770 / किलोग्राम
- MCX सिल्वर 999: ₹1,45,438 / किलोग्राम
बेंगलुरु (Bengaluru)
- गोल्ड बुलियन रेट: ₹1,22,180 / 10 ग्राम
- MCX आज का गोल्ड रेट: ₹1,21,868 / 10 ग्राम
- सिल्वर बुलियन रेट: ₹1,45,930 / किलोग्राम
- MCX सिल्वर 999: ₹1,45,438 / किलोग्राम
हैदराबाद (Hyderabad)
- गोल्ड बुलियन रेट: ₹1,22,280 / 10 ग्राम
- MCX गोल्ड रेट: ₹1,21,868 / 10 ग्राम
- सिल्वर बुलियन रेट: ₹1,46,050 / किलोग्राम
- MCX सिल्वर 999: ₹1,45,438 / किलोग्राम
चेन्नई (Chennai)
- गोल्ड बुलियन रेट: ₹1,22,440 / 10 ग्राम
- MCX गोल्ड रेट: ₹1,21,868 / 10 ग्राम
- सिल्वर बुलियन रेट: ₹1,46,240 / किलोग्राम
- MCX सिल्वर 999: ₹1,45,438 / किलोग्राम
ग्राहकों के लिए ज़रूरी जानकारी
खुदरा (retail) खरीदारों के लिए यह जानना बेहद ज़रूरी है कि gold prices या silver prices केवल बाजार दर पर निर्भर नहीं करते। ज्वेलर्स आम तौर पर हर खरीद पर making charges, GST और अन्य टैक्स जोड़ते हैं, जिससे फाइनल बिल काफ़ी बढ़ जाता है। यह मेकिंग चार्ज डिज़ाइन और शुद्धता (purity) के आधार पर अलग-अलग होता है कभी-कभी कुल कीमत का 8% से 15% तक भी हो सकता है।
इसलिए जब भी आप सोना या चांदी खरीदें, बिल में यह सभी चार्जेस स्पष्ट रूप से देखें और ज्वेलर से इनकी डिटेल लिखित में अवश्य लें। कुछ प्रतिष्ठित स्टोर्स पारदर्शिता के लिए अलग से price breakup slip भी देते हैं, जो ग्राहक के लिए फायदेमंद साबित होती है।
इसके अलावा, जो लोग दीर्घकालिक निवेश के लिए खरीदारी कर रहे हैं, उन्हें BIS हॉलमार्क और शुद्धता सर्टिफिकेट पर भी खास ध्यान देना चाहिए। यह न केवल आपकी सुरक्षा बढ़ाता है बल्कि रीसेल वैल्यू में भी मददगार होता है।
निवेशकों के लिए क्या मतलब है Gold prices drop का?
- खरीदारी का मौका – सोने की कीमतें गिरने पर कई निवेशक इसे खरीदारी के अवसर के रूप में देखते हैं।
- ग्लोबल इकोनॉमी का असर – डॉलर मजबूत होने और ब्याज दरों की संभावना से सोना अस्थायी दबाव में है।
- दीर्घकालिक नजरिया – बीते 20 वर्षों के रिटर्न बताते हैं कि gold prices लंबे समय में हमेशा रिकवरी करते हैं।
- त्योहारी सीजन में भाव – धनतेरस और दिवाली जैसे त्योहारों के करीब आने पर फिर से मांग बढ़ सकती है, जिससे Gold prices drop की यह गिरावट टिकेगी नहीं।
क्यों गिरते हैं सोने के दाम?
- डॉलर में मजबूती से सोने की अंतरराष्ट्रीय कीमतें गिरती हैं।
- जब वैश्विक निवेशक इक्विटी या अन्य हाई-रिटर्न एसेट्स की ओर रुख करते हैं, तो सोने की मांग घट जाती है।
- अमेरिका-चीन के बीच तनाव कम होने की उम्मीद से निवेशकों ने गोल्ड में मुनाफावसूली शुरू कर दी है।
क्या आने वाले दिनों में बढ़ेंगे भाव?
वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट अल्पकालिक (short term) हो सकती है। यदि डॉलर कमजोर पड़ता है या ब्याज दरों में कमी के संकेत मिलते हैं, तो gold prices फिर ऊपर जा सकते हैं। इसके अलावा, साल के आखिरी महीनों में पारंपरिक रूप से भारत में सोने की मांग बढ़ती है, जो दामों को सहारा देती है।
Silver के दाम भी लुढ़के
सोने के साथ-साथ silver prices में भी आज गिरावट देखने को मिली है। सोमवार को MCX पर चांदी का दिसंबर कॉन्ट्रैक्ट ₹1,45,898 प्रति किलो तक नीचे चला गया, जो पिछले सत्र की तुलना में लगभग 1.07% की गिरावट है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सिल्वर फ्यूचर्स दबाव में रहे, क्योंकि अमेरिकी डॉलर में मजबूती और बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी ने कीमती धातुओं पर असर डाला।
विशेषज्ञों का कहना है कि अल्पकालिक उतार-चढ़ाव के बावजूद silver prices की दीर्घकालिक संभावनाएं अभी भी मजबूत बनी हुई हैं। चांदी का उपयोग न सिर्फ आभूषणों में बल्कि सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और मेडिकल उपकरणों में भी तेजी से बढ़ रहा है। यही वजह है कि आने वाले महीनों में औद्योगिक मांग में इज़ाफा होने की उम्मीद है, जो सिल्वर मार्केट को सहारा दे सकता है।
भारत में निवेशकों के लिए भी चांदी आकर्षक विकल्प बनती जा रही है, क्योंकि इसकी कीमत सोने की तुलना में अभी भी काफी किफायती है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वैश्विक आर्थिक हालात स्थिर रहते हैं, तो Silver price rise 2025 में फिर से तेजी देखने को मिल सकती है।

सोने-चांदी की कीमतों पर और अंतरराष्ट्रीय प्रभावों के लिए पढ़ें: Mint Gold and Silver Market Update,India Today Business, और Bloomberg Gold Live.
डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट केवल शैक्षणिक और सूचना के उद्देश्य से तैयार की गई है। यहां दिए गए विचार स्वतंत्र विश्लेषकों और ब्रोकिंग कंपनियों के हैं। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से जरूर परामर्श करें।
संक्षेप में: आज यानी 27 अक्टूबर को भारत में Gold prices drop हुई हैं। हालांकि दीर्घकाल में सोना अभी भी एक मजबूत और भरोसेमंद निवेश बना हुआ है। खरीदारों के लिए यह समय समझदारी से खरीदारी करने का हो सकता है, क्योंकि त्योहारी मौसम आते ही कीमतों में फिर उछाल देखने को मिल सकता है।
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