“Google AI Mode भारत में लॉन्च हो गया है। यह नया फीचर Google Search में उपयोगकर्ताओं को एक चैटबॉट जैसा अनुभव प्रदान करता है, जिससे जटिल सवालों के जवाब आसानी से मिलते हैं।” Google ने अपनी खोज सेवा में एक बड़ा बदलाव करते हुए “AI Mode” को भारत में लॉन्च कर दिया है। Google का यह नया फीचर सर्च अनुभव को पूरी तरह से बदलने वाला है। अब यूजर्स को पारंपरिक कीवर्ड आधारित सर्च के बजाय बातचीत जैसी इंटरफेस मिलेगा, जिसमें जेमिनी (Gemini) मॉडल की शक्ति का उपयोग किया गया है। Google का यह एआई मोड जून 2025 में भारत में लॉन्च हुआ और अब यह एंड्रॉयड व आईओएस के Google ऐप के सर्च लैब्स सेक्शन के जरिए उपलब्ध है।
क्या है Google AI Mode?
Google AI Mode भारत में लॉन्च हो गया है। यह नया फीचर Google Search में उपयोगकर्ताओं को एक चैटबॉट जैसा अनुभव प्रदान करता है, जिससे जटिल सवालों के जवाब आसानी से मिलते हैं।” AI Mode गूगल सर्च का एक वैकल्पिक मोड है जो यूजर्स को जटिल प्रश्न पूछने और विस्तार से उत्तर प्राप्त करने की सुविधा देता है। पारंपरिक सर्च के विपरीत, जहां यूजर्स को वेबसाइटों की लिंक मिलती थीं, अब उन्हें सीधे संवादात्मक उत्तर मिलेंगे, वो भी भरोसेमंद स्रोतों के साथ।
यह फीचर खासतौर पर उन लोगों के लिए है जो गहराई से किसी विषय को समझना चाहते हैं, जैसे किसी प्रोडक्ट की तुलना करना, किसी टॉपिक का विस्तार से विश्लेषण पाना, या फिर व्यक्तिगत सुझावों के साथ किसी प्रश्न का उत्तर जानना। AI Mode की मुख्य विशेषताएं
- डीप सर्च
यह फीचर जटिल सवालों के जवाब देने के लिए गहन विश्लेषण करता है और प्रमाणित स्रोतों से जवाब प्रदान करता है। - शॉपिंग टूल
यूजर उत्पादों की तुलना कर सकते हैं और कपड़ों के लिए वर्चुअल ट्राई-ऑन जैसी सुविधाओं का उपयोग कर सकते हैं। - डेटा विज़ुअलाइज़ेशन
AI Mode मौसम, खेल या वित्त से संबंधित जानकारी के लिए वास्तविक समय में चार्ट और ग्राफ़ भी बना सकता है। - ऐप इंटीग्रेशन
अगर आप अनुमति देते हैं, तो AI Mode आपके Gmail, कैलेंडर जैसी Google सेवाओं से डेटा लेकर आपकी खोज को और अधिक निजीकृत कर सकता है। उदाहरण के लिए, अगर आपको किसी मीटिंग के पास कोई रेस्टोरेंट ढूँढना है, तो यह अपने आप ही इसका सुझाव देगा। - मल्टी-मॉडल क्वेरीज़
यूजर न केवल टेक्स्ट के ज़रिए बल्कि आवाज़ और इमेज के ज़रिए भी सवाल पूछ सकते हैं। यह अब तक का सबसे इंटरैक्टिव सर्च फीचर है।
AI Mode को कैसे एक्टिवेट करें?
AI मोड का इस्तेमाल करने के लिए आपको Google ऐप खोलना होगा और वहाँ “सर्च लैब्स” सेक्शन में जाना होगा। इसके अंदर आपको AI मोड का विकल्प मिलेगा, इसे ऑन करने के बाद सर्च इंटरफ़ेस बदल जाएगा। इसके बाद आप सामान्य प्रश्नों के अलावा लंबे और जटिल प्रश्न भी पूछ सकते हैं। यह बदलाव क्यों जरूरी है? Google ने 2024 में AI ओवरव्यू लॉन्च किया था, जिसमें पारंपरिक सर्च के साथ-साथ संक्षिप्त AI आधारित उत्तर भी उपलब्ध थे। लेकिन AI मोड इससे आगे बढ़कर यूजर को बातचीत जैसा अनुभव देता है। Google की सर्च हेड एलिजाबेथ रीड के मुताबिक, “यह भविष्य की सर्च है, जो सिर्फ सूचना देने तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि इंटेलिजेंस भी देगी।”
क्या AI Mode सभी के लिए फायदेमंद है?
हालांकि AI Mode बेहद उपयोगी है, लेकिन यह सभी के लिए नहीं है। सेमरश के अध्यक्ष यूजीन लेविन के मुताबिक, “AI Mode उन लोगों के लिए ज्यादा उपयुक्त है जो शोध आधारित या जटिल प्रश्न पूछना चाहते हैं। सामान्य जानकारी की तलाश करने वाले यूजर पारंपरिक सर्च का ज्यादा इस्तेमाल करेंगे।” इसका मतलब यह है कि लोग छोटी-छोटी जानकारी के लिए अभी भी क्लासिक सर्च का इस्तेमाल करेंगे, जबकि किसी विषय को गहराई से समझने के लिए वे AI Mode को चुनेंगे।

Google का खास डूडल भी लॉन्च हुआ
Google ने AI Mode के लॉन्च के दिन यानी 1 जुलाई को अपने होमपेज पर खास एनिमेटेड डूडल लगाया। आमतौर पर Google अपने डूडल में किसी ऐतिहासिक घटना, व्यक्ति या त्यौहार का सम्मान करता है। लेकिन इस बार गूगल ने अपने नए फीचर को प्रमोट करने के लिए डूडल का इस्तेमाल किया। इससे पता चलता है कि Google अपने नए सर्च एक्सपीरियंस को लेकर कितना गंभीर है। बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच Google का बड़ा कदम Google का यह कदम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि चैटजीपीटी, क्लाउड और पेरप्लेक्सिटी एआई जैसे नए प्रतिस्पर्धी एआई आधारित सर्च सेवाओं में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
Google का उद्देश्य यूजर्स को अपनी एआई क्षमताओं से अपडेट रखना और उन्हें ज्यादा स्मार्ट और संवादात्मक सर्च एक्सपीरियंस देना है। भविष्य में क्या होगा? Google का कहना है कि आने वाले समय में एआई मोड के ज्यादातर फीचर मुख्य सर्च में शामिल किए जाएंगे। इसका मतलब यह है कि भविष्य में आपको पारंपरिक सर्च और एआई मोड में से अलग से चुनने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी। AI Mode के साथ गूगल सर्च अब केवल लिंक खोजने का जरिया नहीं रह गया है, बल्कि यह संवादात्मक, पर्सनलाइज्ड और इंटेलिजेंट सर्च टूल बन चुका है। भारत जैसे बड़े डिजिटल मार्केट में इसका लॉन्च बताता है कि Google भविष्य के सर्च अनुभव को लेकर कितना गंभीर है। अब यह देखना बाकी है कि भारतीय यूजर्स इस बदलाव को कितना अपनाते हैं।