“हार्ट अटैक आने से पहले शरीर देता है ये 8 गुप्त संकेत – नजरअंदाज किया तो पड़ सकता है भारी”

हार्ट अटैक आने से पहले शरीर देता है ये 8 गुप्त संकेत

“हार्ट अटैक” यानी दिल का दौरा एक ऐसी स्वास्थ्य स्थिति है, जो अक्सर अचानक और जानलेवा लगती है। लेकिन हकीकत यह है कि हार्ट अटैक आने से पहले हमारा शरीर कई चेतावनी संकेत देता है। दुर्भाग्यवश, हम में से अधिकतर लोग इन संकेतों को सामान्य समस्याएं समझकर नजरअंदाज कर देते हैं – जैसे एसिडिटी, थकान या ब्लड प्रेशर का गिरना। इस लेख में हम आपको बताएंगे कि दिल का दौरा पड़ने से कुछ दिन या हफ्तों पहले शरीर कैसे संकेत देता है, जिन्हें समय रहते पहचानना और डॉक्टर से संपर्क करना आपकी जान बचा सकता है।

1. एसिडिटी और डकार – सिर्फ गैस नहीं, हो सकता है हार्ट का अलार्म

अक्सर हम सीने में जलन, भारीपन या बार-बार डकार आने को मामूली गैस या बदहजमी मानते हैं। लेकिन जब दिल तक खून की आपूर्ति कम हो जाती है, तो यह लक्षण उत्पन्न हो सकते हैं। यदि आपको बार-बार एसिडिटी की शिकायत हो रही है, और खाना खाने के बाद पेट और सीने में जलन महसूस होती है – तो यह दिल की ओर से एक गंभीर चेतावनी हो सकती है। विशेष रूप से अगर यह लक्षण आराम करने के बावजूद ठीक नहीं हो रहे हैं, तो तुरंत जांच करवाएं।

पढ़ें: दिल को मजबूत रखने के घरेलू उपाय

2. बिना वजह पसीना आना – खासकर ठंडे पसीने

अगर आप बिना किसी मेहनत के या ठंडे मौसम में भी पसीना-पसीना हो जाते हैं, तो यह शरीर में किसी अंदरूनी तनाव का संकेत है। हार्ट अटैक से पहले शरीर “कोल्ड स्वेट” यानी ठंडा पसीना छोड़ता है, क्योंकि यह अपने तापमान और ब्लड प्रेशर को संतुलित करने की कोशिश करता है। यह स्थिति सामान्य पसीने से अलग होती है और अक्सर डर, बेचैनी या घबराहट के साथ आती है।

3. बाईं ओर दर्द – हाथ, कंधा, छाती या पीठ

हार्ट अटैक का सबसे जाना-पहचाना लक्षण है – बाएं हाथ में दर्द। लेकिन यह दर्द सिर्फ हाथ तक सीमित नहीं होता। यह बाएं कंधे, छाती के बाईं ओर, या पीठ तक भी फैल सकता है। यह दर्द हल्के स्तर से शुरू होकर धीरे-धीरे तेज हो सकता है। यदि यह दर्द रुक-रुक कर आता है या किसी कार्य के दौरान अचानक बढ़ जाता है – तो इसे अनदेखा करना जानलेवा साबित हो सकता है।

4. जबड़े, गले या गर्दन में अजीब दर्द या दबाव

कई बार दिल का दौरा छाती में दर्द नहीं, बल्कि जबड़े या गले में असामान्य असहजता के रूप में प्रकट होता है। यह दर्द या भारीपन खासतौर पर जब बाईं ओर होता है, तो उसे नजरअंदाज करना खतरनाक है। लोग अक्सर इसे दांत दर्द या गर्दन में खिंचाव मान लेते हैं, लेकिन यह लक्षण दिल की ओर से चेतावनी हो सकती है। विशेष रूप से अगर यह लक्षण थकान, सीने में भारीपन या सांस की तकलीफ के साथ हो, तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें।

5. थकावट या कमजोरी – जब साधारण काम भी भारी लगें

अगर आप पर्याप्त नींद लेने के बाद भी थका हुआ महसूस करते हैं, और साधारण कार्य जैसे सीढ़ियां चढ़ना, कुछ दूरी चलना या बैग उठाना भी कठिन लग रहा है – तो यह आपके दिल की कार्यक्षमता में कमी का संकेत हो सकता है। दिल अगर शरीर के सभी हिस्सों तक ठीक से खून नहीं पंप कर पा रहा है, तो मांसपेशियों को ऑक्सीजन नहीं मिलती और आप बेहद थकावट महसूस करते हैं।

पढ़ें: हार्ट अटैक से कैसे बचें – जरूरी आदतें

6. ब्लड प्रेशर का गिरना – चक्कर और बेहोशी के संकेत

हार्ट अटैक से पहले कई लोगों को बार-बार चक्कर आते हैं या हल्कापन महसूस होता है। इसका कारण हो सकता है – ब्लड प्रेशर का गिरना। यदि आपका बीपी सामान्य से बहुत कम हो जाता है और आप अक्सर सिर घूमने, दृष्टि धुंधली होने या बेहोशी जैसी स्थिति का अनुभव करते हैं, तो यह दिल की कार्यप्रणाली में गड़बड़ी का संकेत हो सकता है। बार-बार लो बीपी की स्थिति को नजरअंदाज न करें और ECG आदि जाँचें जरूर करवाएं।

7. भूख नहीं लगना या थोड़ा खाने पर ही पेट भर जाना

यदि हाल के दिनों में आपकी भूख में कमी आई है, या थोड़ा सा खाने के बाद ही पेट भरा-भरा लगने लगता है, तो यह पाचन तंत्र में रक्त प्रवाह की कमी के कारण हो सकता है। जब हृदय से शरीर के अन्य अंगों में रक्त का प्रवाह घटता है, तो इसका असर पाचन पर भी पड़ता है। यदि इसके साथ उल्टी, मिचली या पेट दर्द जैसे लक्षण हों, तो यह हृदय रोग की ओर इशारा कर सकते हैं।

8. हाथ-पैर ठंडे या सुन्न होना – खराब सर्कुलेशन का लक्षण

यदि आपके हाथ या पैर अक्सर ठंडे रहते हैं या उनमें झुनझुनी और सुन्नता महसूस होती है, तो यह इस बात का संकेत हो सकता है कि रक्तसंचार ठीक नहीं हो रहा है। खराब सर्कुलेशन दिल की कमजोरी या ब्लॉकेज का इशारा हो सकता है। विशेष रूप से यदि यह लक्षण थकावट या सांस फूलने के साथ हो, तो इसे गंभीरता से लें।

you can save your life.
Acidity, fatigue, sweating, jaw pain etc. By recognizing these symptoms in time, you can save your life.

हार्ट अटैक एक “साइलेंट किलर” की तरह काम कर सकता है, लेकिन शरीर इसके पहले कई बार संकेत देता है – बस हमें उन्हें समझने की जरूरत है। ऊपर बताए गए 8 लक्षण अगर बार-बार दिखाई दें, तो इसे आम बात समझकर टालना नहीं चाहिए। समय रहते ECG, ईकोकार्डियोग्राफी और अन्य जांचें करवा लेना ही समझदारी है। स्वस्थ जीवनशैली, संतुलित आहार, तनाव मुक्त दिनचर्या और नियमित स्वास्थ्य जांच – यही हार्ट अटैक से बचाव का सबसे बेहतर तरीका है।

Share:

WhatsApp
Telegram
Facebook
Twitter
LinkedIn