ईरान की सत्ता के गलियारों में इस समय बड़ी हलचल है। Iran’s hardline clerics get restless और देश में नए सुप्रीम लीडर की जल्द नियुक्ति की मांग तेज हो गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कट्टरपंथी धार्मिक नेताओं का मानना है कि मौजूदा हालात में देश को मजबूत नेतृत्व की तुरंत जरूरत है। दरअसल, ईरान के सर्वोच्च नेता Ayatollah Ali Khamenei की मौत के बाद सत्ता के उत्तराधिकार को लेकर बहस तेज हो गई है। अमेरिकी और इज़राइली हमलों के बीच ईरान के कई कट्टरपंथी धर्मगुरु चाहते हैं कि जल्द से जल्द नए सुप्रीम लीडर का नाम घोषित किया जाए।
Iran’s hardline clerics get restless: नए नेतृत्व की जल्द जरूरत
ईरानी मीडिया के मुताबिक, दो प्रभावशाली और कट्टरपंथी धर्मगुरुओं ने नए सुप्रीम लीडर के चयन में तेजी लाने की मांग की है। उनका कहना है कि लगातार हो रहे अमेरिकी और इज़राइली हमलों के बीच देश को मजबूत नेतृत्व की जरूरत है। Iran’s hardline clerics get restless की यह स्थिति यह भी दिखाती है कि धार्मिक प्रतिष्ठान के कई सख्त धड़े मौजूदा व्यवस्था से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं। फिलहाल देश की कमान एक तीन सदस्यीय अंतरिम नेतृत्व परिषद के पास है।
अंतरिम नेतृत्व परिषद से असंतोष
Iran’s hardline clerics get restless amid leadership uncertainty
खामेनेई की मौत के बाद ईरान के संविधान के अनुसार एक अस्थायी परिषद बनाई गई है। इसमें शामिल हैं:
- राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian
- मुख्य न्यायाधीश Gholam-Hossein Mohseni-Eje’i
- वरिष्ठ धर्मगुरु Ayatollah Alireza Arafi
लेकिन Iran’s hardline clerics get restless की स्थिति इसलिए बनी हुई है क्योंकि कई कट्टरपंथी नेताओं को लगता है कि यह अंतरिम व्यवस्था देश को लंबे समय तक संभालने के लिए पर्याप्त नहीं है।
ग्रैंड आयतुल्लाह की चेतावनी
प्रभावशाली धार्मिक नेता Naser Makarem Shirazi ने कहा कि देश के मामलों को बेहतर ढंग से व्यवस्थित करने के लिए जल्द से जल्द नए सुप्रीम लीडर की नियुक्ति जरूरी है। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में नेतृत्व का खालीपन देश के लिए सही नहीं है। इसी वजह से Iran’s hardline clerics get restless और जल्द फैसले की मांग कर रहे हैं।
खामेनेई की हत्या का बदला लेने की अपील
पिछले सप्ताह दो वरिष्ठ शिया धर्मगुरुओं ने फतवा जारी करते हुए दुनिया भर के मुसलमानों से खामेनेई की हत्या का बदला लेने की अपील की थी। नासेर मकारेम शिराज़ी ने कहा कि यह मुसलमानों का धार्मिक कर्तव्य है कि “इन अपराधियों की बुराई को दुनिया से खत्म होने तक” संघर्ष जारी रखें। दूसरी ओर Hossein Nouri Hamedani ने भी नए नेता के चयन की प्रक्रिया को तेज करने की मांग की। कौन चुनेगा नया सुप्रीम लीडर? ईरान के संविधान के अनुसार, नए सुप्रीम लीडर का चुनाव Assembly of Experts द्वारा किया जाता है। इस संस्था में कुल 88 इस्लामी विद्वान (मुझ्तहिद) शामिल होते हैं। इन्हें जनता द्वारा चुना जाता है और यही लोग देश के सर्वोच्च नेता का चयन करते हैं। संविधान के Article 111 के अनुसार, नए सुप्रीम लीडर के चुने जाने तक राष्ट्रपति, न्यायपालिका प्रमुख और एक वरिष्ठ धर्मगुरु मिलकर देश की सर्वोच्च जिम्मेदारी संभालते हैं।
तीन महीने के भीतर चुनाव का नियम
ईरान के संविधान में यह भी स्पष्ट है कि नए सुप्रीम लीडर का चयन तीन महीने के भीतर किया जाना चाहिए। लेकिन मौजूदा हालात में यह प्रक्रिया आसान नहीं लग रही है। इसी वजह से Iran’s hardline clerics get restless और चयन प्रक्रिया को तेज करने का दबाव बना रहे हैं। सुरक्षा कारणों से देरी सूत्रों के अनुसार, कुछ धर्मगुरुओं ने इस मुद्दे पर ऑनलाइन चर्चा भी की है। लेकिन असली फैसला लेने के लिए सभी 88 मुझ्तहिदों को एक ही स्थान पर इकट्ठा होना होगा। मौजूदा हालात में यह आसान नहीं है क्योंकि खामेनेई की हत्या के बाद ईरान पर अमेरिकी और इज़राइली हमले लगातार जारी हैं। इसी वजह से सुरक्षा खतरे को देखते हुए बैठक बुलाने में देरी हो रही है।
अमेरिका की टिप्पणी से बढ़ा विवाद
इस पूरे मामले में अमेरिका की टिप्पणी ने विवाद और बढ़ा दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि नए सुप्रीम लीडर के चयन में अमेरिका की भी भूमिका होनी चाहिए। हालांकि ईरान ने इस मांग को सिरे से खारिज कर दिया है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि देश के सर्वोच्च नेता का चयन पूरी तरह आंतरिक प्रक्रिया है और इसमें किसी बाहरी देश की कोई भूमिका नहीं हो सकती।
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ईरान की राजनीति में नया मोड़
विश्लेषकों का मानना है कि Iran’s hardline clerics get restless की स्थिति ईरान की राजनीति में एक बड़े बदलाव का संकेत हो सकती है। खामेनेई दशकों तक ईरान की राजनीति और धार्मिक व्यवस्था के सबसे शक्तिशाली नेता रहे। उनकी मौत के बाद अब देश एक नए दौर में प्रवेश कर रहा है। नए सुप्रीम लीडर का चुनाव न सिर्फ ईरान की घरेलू राजनीति बल्कि मध्य पूर्व की राजनीति पर भी बड़ा असर डाल सकता है।
▶️ Related video: Iran’s Supreme Leader: The ideology and rise of Ayatollah Ali Khamenei . इस वीडियो में बताया गया है कि कैसे खामेनेई एक साधारण धार्मिक छात्र से ईरान के सबसे शक्तिशाली नेता बने और उन्होंने देश की राजनीति, विदेश नीति और मध्य पूर्व की शक्ति संतुलन को दशकों तक प्रभावित किया।
कुल मिलाकर Iran’s hardline clerics get restless की खबरें यह संकेत देती हैं कि ईरान के धार्मिक और राजनीतिक ढांचे में इस समय गहरी हलचल है। कट्टरपंथी धर्मगुरु चाहते हैं कि जल्द से जल्द नया सुप्रीम लीडर चुना जाए ताकि देश को स्पष्ट नेतृत्व मिल सके।
आने वाले हफ्तों में यह देखना बेहद महत्वपूर्ण होगा कि Assembly of Experts कब बैठक बुलाता है और कौन ईरान का अगला सर्वोच्च नेता बनता है। क्योंकि यह फैसला सिर्फ ईरान ही नहीं बल्कि पूरे मध्य पूर्व की राजनीति को प्रभावित कर सकता है।
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