नई दिल्ली: इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने की डेडलाइन को लेकर करदाताओं और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (GCCI) ने सरकार से अपील की है कि ITR फाइलिंग की तारीख आगे बढ़ाई जाए।
GCCI का कहना है कि इस साल ITR यूटिलिटीज काफी देर से जारी हुईं और इनकम टैक्स पोर्टल पर लगातार तकनीकी दिक्कतें आ रही हैं। इतना ही नहीं, Form 26AS और AIS में गड़बड़ियां, ITR अपलोड करते समय सिस्टम एरर और अन्य तकनीकी समस्याओं की वजह से भी करदाताओं को परेशानी हो रही है।
सरकार ने बढ़ाई थी डेडलाइन, लेकिन फायदा नहीं मिला
केंद्र सरकार ने पहले ही नॉन-ऑडिट केस के लिए ITR की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2025 से बढ़ाकर 15 सितंबर 2025 कर दी थी। लेकिन GCCI का कहना है कि चूंकि ITR फॉर्म्स बहुत लेट रिलीज़ हुए, इसलिए एक्सटेंशन का असली फायदा लोगों तक नहीं पहुंच सका।
GCCI ने CBDT को लिखा पत्र
11 अगस्त 2025 को GCCI ने CBDT को एक प्रतिनिधित्व सौंपते हुए लिखा:
“करदाताओं, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स और अन्य स्टेकहोल्डर्स को ITR और टैक्स ऑडिट रिपोर्ट समय पर दाखिल करने में कई व्यावहारिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हम आपसे विनम्र निवेदन करते हैं कि डेडलाइन को आगे बढ़ाने पर गंभीरता से विचार करें।”
ITR फॉर्म्स की लेट रिलीज़
इस साल ITR फॉर्म्स की रिलीज़ डेट्स पर नजर डालें तो साफ है कि देरी हुई:
ITR फॉर्म्स की लेट रिलीज़
इस साल ITR फॉर्म्स की रिलीज़ डेट्स पर नजर डालें तो साफ है कि देरी हुई। नीचे दिए गए टेबल में आप सभी रिलीज़ डेट्स और डाउनलोड लिंक देख सकते हैं:
Date | ITR Form | Utility Type | Download Link |
---|---|---|---|
29 मई 2025 | ITR-1 और ITR-4 | Excel Utility | डाउनलोड करें |
4 जून 2025 | ITR-1 और ITR-4 | Online Utility | डाउनलोड करें |
11 जुलाई 2025 | ITR-2 और ITR-3 | Excel Utility | डाउनलोड करें |
17 जुलाई 2025 | ITR-2 | Online Utility | डाउनलोड करें |
30 जुलाई 2025 | ITR-3 | Offline और Online Utility | डाउनलोड करें |
8 अगस्त 2025 | ITR-5 | Excel Utility | डाउनलोड करें |
14 अगस्त 2025 | ITR-6 | Excel Utility | डाउनलोड करें |
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एक्सपर्ट्स ने जताई चिंता
टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब सिर्फ एक महीना बचा है, तब इतने लेट ITR फॉर्म रिलीज़ करना करदाताओं और सीए दोनों के लिए भारी मुश्किल पैदा करता है।
सीए प्रतिभा गोयल, पार्टनर, पीडी गुप्ता एंड कंपनी ने कहा:
“सितंबर आखिर तक ऑडिट रिपोर्ट पूरी करनी होती है और ITR फाइलिंग का काम भी चल रहा है। लेकिन जब ITR-5 जैसी यूटिलिटीज अभी-अभी रिलीज़ हुई हैं, तो समय बिल्कुल भी पर्याप्त नहीं है।”
प्रसिद्ध चार्टर्ड अकाउंटेंट CA Himank Singla ने भी X (पहले Twitter) पर अपनी चिंता जाहिर करते हुए लिखा:
यह साफ दिखाता है कि सिर्फ आम करदाता ही नहीं, बल्कि प्रोफेशनल्स भी समय पर रिटर्न फाइल करने में आ रही दिक्कतों को लेकर चिंतित हैं।
करदाताओं की शिकायतें भी बढ़ीं
कई करदाता और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ने शिकायत की है कि पोर्टल पर ITR भरते समय AIS (Annual Information Statement) और TIS (Tax Information Summary) डाउनलोड नहीं हो रहे, और कुछ फॉर्म्स (जैसे ITR-2) में तकनीकी बग्स भी हैं।
कुल मिलाकर, GCCI की मांग है कि सरकार न सिर्फ ITR फाइलिंग की डेडलाइन, बल्कि टैक्स ऑडिट की आखिरी तारीख (30 सितंबर 2025) को भी आगे बढ़ाए, ताकि करदाता बिना तनाव के अपनी जिम्मेदारियां पूरी कर सकें।