जालंधर के एक व्यस्त बाजार में दशकों तक कबाड़ की तरह पड़ा एक Junked 105-Year-Old German Tractor अचानक दुनिया भर में चर्चा का विषय बन गया। 105 साल पुराना विंटेज Lanz Bulldog HL 12 जर्मन ट्रैक्टर (बताया जाता है कि 1921 में बना) अब ₹1.25 करोड़ में अमेरिका के एक खरीदार को बेच दिया गया है। जिस मशीन को लोग सालों तक जंग लगा कबाड़ समझते रहे, वही आज विंटेज कृषि मशीनरी कलेक्टर्स के लिए खजाना साबित हुई।
यह Junked 105-Year-Old German Tractor जर्मन कृषि इंजीनियरिंग और मैकेनाइजेशन का प्रतीक माना जाता है। इसे 1921 से जर्मनी के मैनहाइम में Heinrich Lanz AG द्वारा बनाया गया था। 1921 से 1950 के दशक तक बनी Bulldog सीरीज़ आज बेहद दुर्लभ और महंगी मानी जाती है। दुनिया भर के कलेक्टर्स इस तरह के जर्मन ट्रैक्टर की तलाश में रहते हैं।
दशकों तक शहीद भगत सिंह चौक के पास पड़ा रहा German Tractor
The Fascinating Journey of the Junked 105-Year-Old German Tractor
यह जंग खाया लेकिन मजबूत जर्मन ट्रैक्टर जालंधर के शहीद भगत सिंह चौक के पास एक जर्जर इमारत के नजदीक वर्षों तक खड़ा रहा। इसके साइड पैनल पर “LANZ” लिखा था, जबकि पीछे लगी प्लेट पर “Heinrich Lanz Mannheim” अंकित था। स्थानीय निवासी वधेरा ने बताया कि ट्रैक्टर और जिस मकान में वह रखा था, उसके मालिक 40 साल पहले अमेरिका चले गए थे। “हम बचपन से इस जर्मन ट्रैक्टर को यहीं पड़ा देखते आए हैं। मेरे एक पड़ोसी, जो ढाबा चलाते हैं, बचपन में इस पर चढ़कर खेलते थे,” उन्होंने कहा।
करीब ढाई महीने पहले एक सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर ने इस जर्मन ट्रैक्टर का वीडियो बनाया। इसके बाद फोन कॉल्स की बाढ़ आ गई। अचानक यह भूला-बिसरा जर्मन ट्रैक्टर इंटरनेट पर वायरल हो गया।
₹2 लाख से शुरू होकर ₹1.25 करोड़ तक पहुंची कीमत
वधेरा के अनुसार, मुंबई की एक फर्म ने शुरुआत में ₹2 लाख का ऑफर दिया। अगले ही दिन यह बढ़कर ₹28 लाख तक पहुंच गया। लेकिन यह German tractor और संपत्ति उसके असली मालिकों की थी, जो अमेरिका में रह रहे हैं।
17 फरवरी को वीडियो कॉल के जरिए अमेरिका में मौजूद खरीदार को German tractor दिखाया गया। तभी पता चला कि इसे ₹1.25 करोड़ में बेच दिया गया है। इस तरह यह जर्मन ट्रैक्टर कबाड़ से करोड़ों की विरासत बन गया।
क्रेन से उठा German Tractor, अमेरिका होगा रवाना
18 फरवरी की सुबह इस German tractor को क्रेन की मदद से उठाया गया और ट्रक के जरिए मुंबई पोर्ट ले जाया गया। वहां से इसे अमेरिका के कैलिफोर्निया भेजा जाएगा। दिलचस्प बात यह है कि कैलिफोर्निया में California Agriculture Museum स्थित है, जहां मशहूर Heidrick Tractor Collection भी है। हालांकि वधेरा को यह जानकारी नहीं है कि यह German tractor किसी म्यूजियम में जाएगा या किसी निजी कलेक्टर के पास रहेगा।
क्यों खास है यह German Tractor?
विंटेज Heinrich Lanz का यह German tractor ऐतिहासिक महत्व, इंजीनियरिंग गुणवत्ता और असाधारण मजबूती के कारण “ब्लू चिप” कलेक्टिबल माना जाता है। 1921 में डॉ. फ्रिट्ज ह्यूबर द्वारा पेश किया गया Lanz Bulldog दुनिया का पहला सफल क्रूड-ऑयल से चलने वाला हॉट-बलब जर्मन ट्रैक्टर था। इसकी खासियत थी कि यह लगभग किसी भी ईंधन पर चल सकता था वनस्पति तेल से लेकर वेस्ट ऑयल तक।
16 जून 1921 को German Agricultural Society की प्रदर्शनी में इस जर्मन ट्रैक्टर को पहली बार पेश किया गया था। “Bulldog” नाम इसके इंजन के सिलेंडर हेड की बनावट से प्रेरित था, जो कुत्ते के चेहरे जैसा दिखता था।
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रहस्य अब भी बरकरार
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह जर्मन ट्रैक्टर मूल रूप से ब्रिटिश मालिकों का था, जिसे बाद में पंजाब के किसानों ने जीत लिया था। हालांकि जिस पूर्वज के पास यह मशीन थी, उनका निधन हो चुका है। इसलिए इस जर्मन ट्रैक्टर का पूरा इतिहास अब भी रहस्य बना हुआ है। यह कहानी दिखाती है कि इतिहास की असली कीमत समय के साथ समझ आती है। जालंधर में पड़ा एक जंग लगा जर्मन ट्रैक्टर आज ₹1.25 करोड़ में बिक चुका है।
यह सिर्फ एक मशीन की बिक्री नहीं, बल्कि जर्मन औद्योगिकीकरण, कृषि क्रांति और इंजीनियरिंग उत्कृष्टता की विरासत की कीमत है। जिस German tractor को लोग कबाड़ समझते रहे, वही आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा जा रहा है।
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