टेक्नोलॉजी की दुनिया में एक और बड़ा बदलाव आ गया है। Perplexity AI ने अपना नया और स्मार्ट Comet Browser अब भारत में लॉन्च कर दिया है। यह ब्राउज़र खास तौर पर उन लोगों के लिए डिज़ाइन किया गया है जो इंटरनेट पर रिसर्च, स्टडी या प्रोफेशनल वर्क में घंटों समय बिताते हैं। फिलहाल यह केवल Windows और Mac यूज़र्स के लिए उपलब्ध है, लेकिन कंपनी का कहना है कि बहुत जल्द इसका Android और iOS वर्ज़न भी लॉन्च किया जाएगा।
Android यूज़र्स के लिए Google Play Store पर प्री-ऑर्डर का विकल्प पहले से ही मौजूद है, जबकि iOS वर्ज़न के लिए Apple App Store पर जानकारी आने का इंतज़ार है। कंपनी का दावा है कि Comet Browser न सिर्फ सर्चिंग को आसान बनाएगा, बल्कि आपके काम को ऑटोमेट करने में भी मदद करेगा। यही वजह है कि इसे Google Chrome और Microsoft Edge का सीधा प्रतियोगी माना जा रहा है।
कब और कैसे आया Comet Browser?
Perplexity AI ने इस ब्राउज़र को पहली बार जुलाई 2025 में लॉन्च किया था। शुरुआत में इसे सिर्फ इंटरनेशनल मार्केट में पेश किया गया था, लेकिन अब कंपनी ने इसे भारतीय यूज़र्स के लिए भी उपलब्ध करा दिया है। कंपनी के CEO अरविंद श्रीनिवास ने सोमवार को X (पहले Twitter) पर एक पोस्ट कर यह जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि फिलहाल यह ब्राउज़र केवल Pro Subscribers के लिए उपलब्ध है और इन्हें भी सिर्फ Mac और Windows डिवाइस पर इस्तेमाल करने का मौका मिल रहा है।
वहीं, Android यूज़र्स के लिए कंपनी ने Google Play Store पर प्री-ऑर्डर का विकल्प जरूर खोल दिया है, लेकिन अभी तक लॉन्च डेट सामने नहीं आई है। यही हाल Apple App Store का भी है, जहां Comet Browser का नाम तो दिखाई देता है लेकिन रिलीज़ से जुड़ी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई। टेक एक्सपर्ट्स का मानना है कि कंपनी भारत में मोबाइल वर्ज़न को लेकर उत्सुकता बढ़ाना चाहती है और इसी वजह से लॉन्च डेट को फिलहाल सीक्रेट रखा गया है।
क्यों है यह ब्राउज़र खास?
Comet को खासतौर पर उन लोगों के लिए बनाया गया है जो रोज़ाना रिसर्च, वर्क और इंटरनेट पर घंटों काम करते हैं।
इसकी सबसे बड़ी ताकत है – Comet Assistant, जो असल में एक AI Agent की तरह काम करता है।
- यह आपके टैब्स को मैनेज कर सकता है।
- ईमेल और कैलेंडर को ऑटोमैटिकली समरी में बदल देता है।
- आपके लिए वेब पेजेज़ नेविगेट करता है।
- यहां तक कि मीटिंग शेड्यूल और ईमेल भी खुद भेज सकता है।
यानि एक स्मार्ट पर्सनल असिस्टेंट आपके ब्राउज़र में ही मौजूद है।
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Chrome और Edge से कितना अलग है?
अक्सर हम Google Chrome या Microsoft Edge जैसे ब्राउज़र्स में ढेर सारे टैब्स खोल लेते हैं और फिर ज़रूरी जानकारी ढूंढना किसी सिरदर्द से कम नहीं लगता। लेकिन Perplexity AI का Comet Browser इस झंझट को पूरी तरह खत्म कर देता है। इसमें दिया गया Workspace फीचर बाकी ब्राउज़र्स से बिल्कुल अलग है। यहां आपकी रिसर्च, डॉक्यूमेंट्स और वेबपेज़ से जुड़ी सारी अहम जानकारी एक ही जगह सेव रहती है, जिससे ढूंढना बेहद आसान हो जाता है।
सिर्फ इतना ही नहीं, Comet का AI सिस्टम यह भी समझता है कि आप किस तरह की स्टडी या प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं, आपने अब तक क्या पढ़ा है और आगे आपको किस तरह के relevant suggestions चाहिए। यानी यह ब्राउज़र सिर्फ सर्च करने के लिए नहीं बल्कि आपकी आदतों और जरूरतों के हिसाब से खुद को एडजस्ट करके आपको पर्सनलाइज्ड एक्सपीरियंस देता है।
AI Sidebar – आपका ऑल-इन-वन एजेंट
Perplexity AI के मुताबिक, इस ब्राउज़र में दिया गया AI Sidebar भी एक स्मार्ट एजेंट की तरह काम करता है।
- टेक्स्ट-बेस्ड इंस्ट्रक्शन देकर आप प्रोडक्ट खरीद सकते हैं।
- किसी वेबपेज को ईमेल में बदलकर तुरंत भेज सकते हैं।
- कैलेंडर इवेंट या मीटिंग को शेड्यूल कर सकते हैं।
कंपनी का दावा है कि आने वाले दिनों में इसमें और भी एडवांस फीचर्स जोड़े जाएंगे।
आगे की रणनीति
Perplexity AI का मकसद बिल्कुल स्पष्ट है – यूज़र्स को एक ऐसा ब्राउज़र देना जो सिर्फ सर्च इंजन न होकर एक ऑल-इन-वन वर्कस्पेस का अनुभव दे। इसका मतलब है कि आप केवल इंटरनेट सर्च ही नहीं करेंगे, बल्कि अपने सारे वर्क, रिसर्च और स्टडी से जुड़े कामों को भी इसी ब्राउज़र के अंदर मैनेज कर पाएंगे।
खासतौर पर स्टूडेंट्स, रिसर्चर्स और प्रोफेशनल्स के लिए यह एक गेम-चेंजर साबित हो सकता है। चाहे आप लंबी रिसर्च कर रहे हों, प्रोजेक्ट मैनेज कर रहे हों या दिनभर के काम को ऑर्गनाइज करना चाहते हों, Comet Browser आपके लिए हर काम को आसान और तेज़ बना देता है।
इसके अलावा, AI लगातार आपके काम की आदतों को ट्रैक करता है और उसी हिसाब से सुझाव और अपडेट्स देता है। इसका मतलब है कि आपका ब्राउज़र आपके साथ सीखता है और आपको सिर्फ वही जानकारी दिखाता है जो वास्तव में आपके काम की है।

आपके सवाल, हमारे जवाब
Q1. भारत में Perplexity Ai का Comet Browser कब आया?
Ans. इसे जुलाई 2025 में लॉन्च किया गया था और अब भारत में Windows और Mac यूज़र्स के लिए उपलब्ध है।
Q2. क्या यह मोबाइल पर भी उपलब्ध है?
Ans. Android के लिए Google Play Store पर प्री-ऑर्डर का ऑप्शन है, लेकिन लॉन्च डेट अभी तय नहीं है। iOS पर भी जल्द लॉन्च होने की उम्मीद है।
Q3. Comet Browser की सबसे बड़ी खासियत क्या है?
Ans. इसका Comet Assistant, जो एक AI Agent की तरह आपके ईमेल, टैब्स और रिसर्च को मैनेज करता है।
Q4. क्या यह Google Chrome और Microsoft Edge से बेहतर है?
Ans. हां, क्योंकि इसमें टैब्स की जगह एक स्मार्ट Workspace है, जो आपको ज़रूरी जानकारी तुरंत उपलब्ध कराता है।
Q5. क्या यह सिर्फ रिसर्च के लिए है या रोज़ाना इस्तेमाल किया जा सकता है?
Ans. यह दोनों के लिए है – चाहे आप स्टूडेंट हों, प्रोफेशनल हों या सिर्फ इंटरनेट यूज़ करने वाले आम यूज़र।
कुल मिलाकर, Perplexity AI का Comet Browser भारतीय यूज़र्स के लिए एक नई शुरुआत है। अब देखना यह है कि क्या यह सच में Google Chrome और Microsoft Edge जैसे बड़े ब्राउज़र्स को टक्कर दे पाएगा या नहीं। आप Perplexity AI के ऑफिशियल ब्राउज़र पेज पर जाकर सीधे ब्राउज़र की जानकारी और प्री-ऑर्डर विकल्प देख सकते हैं।
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