भारत सरकार सिर्फ PM Kisan Yojana ही नहीं, बल्कि किसानों के लिए कई योजनाएं चला रही है, जो सीधे तौर पर उनकी आमदनी और जीवन सुरक्षा में मदद करती हैं। इनमें से एक महत्वपूर्ण योजना है PM Kisan Maandhan Yojana (PMKMY), जिसे विशेष रूप से छोटे और सीमांत किसानों के लिए बनाया गया है। इस योजना का मकसद है किसानों को वृद्धावस्था में आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना, ताकि उनके पास उम्र बढ़ने के बाद भी नियमित आय का स्रोत रहे।
इस योजना के तहत, पात्र किसान 60 साल की उम्र तक पहुँचने पर हर महीने 3,000 रुपये की न्यूनतम पेंशन पाने के हकदार होते हैं। इसके लिए किसान को अपने योगदान के रूप में केवल 100 रुपये से लेकर आयु और वर्ग के अनुसार निश्चित राशि जमा करनी होती है। इतना ही नहीं, सरकार भी इस पेंशन निधि में बराबर का योगदान करती है।
योजना में प्रवेश करने वाले किसान का आयु सीमा 18 से 40 साल तक होनी चाहिए और उनके पास 2 हेक्टेयर तक की कृषि योग्य भूमि होनी चाहिए। इस तरह, यह योजना छोटे और सीमांत किसानों को उनकी मेहनत की उम्र के बाद भी सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा देती है।
इसके अलावा, इस योजना के तहत पेंशन केवल नियमित आय ही नहीं देती, बल्कि वृद्धावस्था में आजीविका संकट और आर्थिक अनिश्चितता से सुरक्षा भी प्रदान करती है। यानी किसान न केवल वृद्धावस्था में आत्मनिर्भर बने रहते हैं, बल्कि उनके परिवार को भी सुरक्षा का भरोसा मिलता है।
PM Kisan Yojana और पेंशन योजना: क्या है फर्क?
आज के समय में PM Kisan Yojana भारत के किसानों के लिए सबसे बड़ी और लोकप्रिय योजनाओं में से एक है। इस योजना के तहत केंद्र सरकार पात्र किसानों को साल में तीन किस्तों में आर्थिक सहायता प्रदान करती है। हर किस्त सीधे किसान के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है। अब तक इस योजना की 20 किस्तें जारी हो चुकी हैं, और किसान लगातार इसकी 21वीं किस्त का इंतजार कर रहे हैं।
लेकिन कई किसानों को यह जानकारी नहीं होती कि PM Kisan Yojana के अलावा सरकार एक और योजना भी चला रही है, जो सीधे तौर पर वृद्धावस्था में पेंशन प्रदान करती है। इस योजना का नाम है PM Kisan Maandhan Yojana, जिसके तहत सरकार 60 साल की उम्र के बाद पात्र किसानों को न्यूनतम 3,000 रुपये प्रति माह देती है।
इस योजना का सबसे बड़ा फायदा यह है कि छोटे और सीमांत किसान जिनके पास वृद्धावस्था में अपनी आजीविका चलाने के लिए ज्यादा बचत नहीं होती, वे भी आर्थिक रूप से सुरक्षित रह सकते हैं। इसके अलावा, यह योजना स्वैच्छिक और अंशदायी पेंशन योजना है, यानी किसान अपनी क्षमता के अनुसार योगदान करते हैं और सरकार बराबर का योगदान देती है।
कौन सी योजना देती है किसानों को पेंशन?
यह योजना है PM Kisan Maandhan Yojana (PMKMY)।
- इस योजना के तहत सरकार पात्र किसानों को 60 साल की उम्र के बाद हर महीने 3,000 रुपये की न्यूनतम पेंशन देती है।
- लाभार्थी को 29 साल की मध्य आयु पर 100 रुपये प्रति माह का अंशदान करना होता है।
- सरकार भी पेंशन निधि में इतनी ही राशि का योगदान करेगी।
उद्देश्य: यह योजना छोटे और सीमांत किसानों को वृद्धावस्था में आर्थिक सुरक्षा देने के लिए बनाई गई है। क्योंकि अधिकांश किसानों के पास उम्र बढ़ने पर आजीविका चलाने के लिए पर्याप्त बचत नहीं होती।
PM Kisan Maandhan Yojana कब शुरू हुई थी?
प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना (PM Kisan Maandhan Yojana) को औपचारिक रूप से 2019 में लॉन्च किया गया था। इस योजना का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12 सितंबर, 2019 को किया। इसका मुख्य उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को वृद्धावस्था में आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है।
योजना के तहत, पात्र किसानों को उनके योगदान के आधार पर न्यूनतम 3,000 रुपये प्रति माह की पेंशन दी जाती है, ताकि उनकी उम्र बढ़ने पर भी आजीविका सुरक्षित रहे। यह पहल खासकर उन किसानों के लिए बेहद जरूरी है, जिनके पास वृद्धावस्था में अपने खर्च चलाने के लिए पर्याप्त बचत नहीं होती।
इसके अलावा, यह योजना स्वैच्छिक और अंशदायी पेंशन योजना है, जिसमें सरकार भी बराबर का योगदान करती है। योजना का उद्देश्य सिर्फ आर्थिक मदद देना नहीं है, बल्कि किसानों को वृद्धावस्था में आत्मनिर्भर और सुरक्षित बनाना भी है।
PM Kisan Maandhan Yojana के लिए कौन हैं पात्र किसान?
- छोटे और सीमांत किसान ही इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं।
- किसान की आयु 18 से 40 साल के बीच होनी चाहिए।
- पात्र होने के लिए किसान के पास संबंधित राज्य या संघ राज्य क्षेत्र के भूमि अभिलेखों के अनुसार अधिकतम 2 हेक्टेयर तक की कृषि योग्य भूमि होनी चाहिए।
इस तरह, योजना खासकर उन किसानों के लिए बनाई गई है, जो छोटे स्तर पर खेती करते हैं और जिनके पास वृद्धावस्था में अपनी आजीविका सुरक्षित करने के लिए सीमित संसाधन होते हैं।
पेंशन कब मिलेगी?

चूंकि इस योजना में अधिकतम आयु सीमा 40 वर्ष है और पेंशन 60 साल की उम्र के बाद शुरू होती है, इसलिए लाभार्थियों को लगभग 20 साल तक नियमित रूप से अंशदान जमा करना होता है।
इसके अलावा, किसान की उम्र के अनुसार प्रीमियम राशि अलग-अलग होती है। यानी युवा किसान कम योगदान देंगे, जबकि उम्र बढ़ने पर प्रीमियम राशि थोड़ी अधिक होगी।
जैसे ही किसान 60 साल के हो जाते हैं, उनके बैंक खाते में न्यूनतम 3,000 रुपये प्रति माह की पेंशन सीधे ट्रांसफर होने लगेगी। इससे किसान वृद्धावस्था में भी आर्थिक रूप से सुरक्षित और आत्मनिर्भर रह सकते हैं।
PM Kisan Maandhan Yojana के लिए आवेदन कैसे करें?
- आवेदन के लिए अपने पास के कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाएँ।
- आवश्यक दस्तावेज: आधार कार्ड, बैंक पासबुक और अन्य पहचान पत्र।
- CSC वाले आपका आवेदन करेंगे और आपको एक यूनिक पेंशन नंबर दिया जाएगा।
- आपका बैंक अकाउंट पेंशन अंशदान के लिए लिंक कर दिया जाएगा।
- 60 वर्ष की उम्र पूरी होने पर आपको पेंशन मिलना शुरू हो जाएगा।
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योजना (PM Kisan Yojana) से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए आप इसकी आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं। यहां आपको पात्रता, प्रीमियम राशि, आवेदन प्रक्रिया और सभी जरूरी डिटेल मिल जाएगी। PM Kisan Maandhan Yojana Official Website
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