प्रधानमंत्री PM Modi ने गाजा में जारी संघर्ष को खत्म करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की ओर से शुरू किए गए शांति प्रयासों की सराहना की है। उन्होंने कहा कि भारत हमेशा उन सभी पहलों का समर्थन करेगा जो दुनिया में शांति और स्थिरता लाने की दिशा में उठाए जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री PM Modi ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा,
“गाजा में शांति के लिए हो रही निर्णायक प्रगति के बीच, हम राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व का स्वागत करते हैं। बंधकों की रिहाई की दिशा में उठाए गए कदम महत्वपूर्ण हैं। भारत स्थायी और न्यायसंगत शांति के लिए हर प्रयास का समर्थन करता रहेगा।”
यह बयान ऐसे समय में आया है जब हमास (Hamas) ने बंधकों की रिहाई और गाजा की सत्ता अन्य फलस्तीनी समूहों को सौंपने पर सहमति जताई है। हालांकि, शांति प्रस्ताव के कुछ अन्य बिंदुओं पर अभी चर्चा बाकी है।
ट्रंप ने दिया था हमास को अल्टीमेटम
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने गाजा में जारी हिंसा को रोकने के लिए एक 20-सूत्रीय शांति प्रस्ताव पेश किया था। इस प्रस्ताव को इस्राइल (Israel) ने तुरंत स्वीकार कर लिया, जबकि हमास ने आंशिक सहमति जताई है।
ट्रंप ने हमास को रविवार शाम छह बजे तक का समय देते हुए कहा था कि अगर उन्होंने प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया, तो उन्हें इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। इस चेतावनी के बाद हमास ने 7 अक्टूबर 2023 को बंधक बनाए गए कई इस्राइली नागरिकों की रिहाई के लिए सहमति दे दी।
सूत्रों के अनुसार, हमास के कब्जे में 48 इस्राइली बंधक हैं, जिनमें से करीब 20 की मौत हो चुकी है। बंधकों की रिहाई अगले 72 घंटों में होने की संभावना है। इसके बदले इस्राइल गाजा पर हमले रोकने और चरणबद्ध तरीके से सेना हटाने को तैयार हो गया है।
भारत का रुख – PM Modi का स्पष्ट संदेश
प्रधानमंत्री PM Modi का बयान इस बात की पुष्टि करता है कि भारत हमेशा वैश्विक शांति और मानवीय मूल्यों के साथ खड़ा रहेगा। उन्होंने कहा कि भारत ऐसे हर कदम का समर्थन करेगा जो संघर्ष खत्म करने और लोगों को राहत देने में मददगार साबित हो।
भारत पहले भी मध्य-पूर्व में स्थिरता लाने के प्रयासों का समर्थन करता रहा है। PM Modi के नेतृत्व में भारत ने हमेशा मानवीय दृष्टिकोण को प्राथमिकता दी है — चाहे बात यूक्रेन संघर्ष की हो या गाजा संकट की।
क्या है ट्रंप की 20-सूत्रीय शांति योजना?
- गाजा को आतंक-मुक्त क्षेत्र घोषित किया जाएगा ताकि वह किसी पड़ोसी देश के लिए खतरा न बने।
- गाजा के पुनर्निर्माण और विकास कार्य की शुरुआत होगी ताकि वहां के नागरिकों का जीवन सामान्य हो सके।
- दोनों पक्षों के सहमत होते ही इस्राइल सैन्य अभियान रोक देगा और चरणबद्ध वापसी शुरू करेगा।
- योजना स्वीकार करने के 72 घंटे में सभी बंधकों को रिहा किया जाएगा।
- बंधकों की रिहाई के बाद इस्राइल 250 फलस्तीनी कैदियों को छोड़ेगा और 1700 गाजावासियों को भी रिहा करेगा।
- जो हमास सदस्य शांति की शपथ लेंगे, उन्हें माफी दी जाएगी, बाकी को सुरक्षित रास्ता मिलेगा।
- संयुक्त राष्ट्र (UN) और रेड क्रिसेंट संगठनों की मदद से बड़े पैमाने पर मानवीय सहायता भेजी जाएगी।
- हर दिन कम से कम 600 ट्रक राहत सामग्री पहुंचेंगे।
- गाजा का प्रशासन फलस्तीनी तकनीकी विशेषज्ञों के हाथों में होगा, जिसकी निगरानी एक अंतरराष्ट्रीय समिति करेगी।
- इस समिति का नेतृत्व स्वयं Donald Trump करेंगे, जबकि ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर उनके साथ रहेंगे।
- गाजा में आर्थिक पुनर्निर्माण के लिए स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन (SEZ) बनाए जाएंगे।
- किसी भी व्यक्ति को जबरन गाजा छोड़ने पर मजबूर नहीं किया जाएगा।
- हमास का शासन समाप्त होगा और सभी आतंकी ढांचे ध्वस्त किए जाएंगे।
- अमेरिका और उसके सहयोगियों की मदद से अस्थायी सुरक्षा बल गाजा में तैनात होंगे।
- इस्राइल गाजा का न तो विलय करेगा और न स्थायी कब्जा।
- अगर हमास देर करता है तो पहले आतंक-मुक्त क्षेत्रों में यह योजना लागू होगी।
- कतर पर हमला नहीं किया जाएगा, बल्कि उसकी मध्यस्थता को स्वीकार किया जाएगा।
- चरमपंथ को खत्म करने के लिए धार्मिक और सांस्कृतिक अभियान चलाए जाएंगे।
- गाजा और फलस्तीनी प्रशासन के सुधार के बाद भविष्य में स्वतंत्र फलस्तीनी राज्य की राह खुलेगी।
- अमेरिका, इस्राइल और फलस्तीन के बीच दीर्घकालिक राजनीतिक समाधान पर काम किया जाएगा।
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अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
ट्रंप की इस योजना को लेकर दुनिया के कई देशों ने मिश्रित प्रतिक्रिया दी है। कुछ देशों ने इसे मध्य-पूर्व में स्थायी शांति की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया, जबकि कुछ ने इसे जल्दबाज़ी में उठाया गया निर्णय कहा।
भारत की ओर से PM Modi का बयान इस योजना को नैतिक और मानवीय समर्थन देने जैसा है। उन्होंने दोहराया कि भारत “न्यायपूर्ण और स्थायी शांति” के हर प्रयास के साथ खड़ा रहेगा।
PM Modi का मानवीय दृष्टिकोण
प्रधानमंत्री PM Modi हमेशा से मानवीय मूल्यों और वैश्विक सहयोग के पक्षधर रहे हैं। उन्होंने कहा था कि “शांति केवल युद्ध समाप्त करने से नहीं आती, बल्कि मानवता और न्याय के सम्मान से आती है।”
भारत का यह रुख न केवल गाजा जैसे संघर्षग्रस्त इलाकों में बल्कि वैश्विक स्तर पर भी उसकी छवि को मजबूत बनाता है। PM Modi के नेतृत्व में भारत अंतरराष्ट्रीय शांति अभियानों में एक भरोसेमंद साथी के रूप में उभरा है।
देखें वीडियो: Gaza Peace Deal पर Donald Trump के साथ खड़े PM Modi
Video Credit: Oneindia Hindi | वनइंडिया हिंदी
निष्कर्ष
गाजा संकट को लेकर प्रधानमंत्री PM Modi और राष्ट्रपति Donald Trump की प्रतिक्रियाएं यह संकेत देती हैं कि दुनिया अब संघर्ष से अधिक शांति और सहयोग की ओर बढ़ना चाहती है।
अगर ट्रंप की शांति योजना लागू होती है, तो यह न सिर्फ मध्य-पूर्व बल्कि पूरी दुनिया में एक नई उम्मीद जगा सकती है। भारत ने स्पष्ट किया है कि वह ऐसे हर प्रयास के साथ रहेगा जो मानवता और शांति को प्राथमिकता देता हो।
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