Pune: भाद्रपद चतुर्थी के पावन अवसर पर ‘विघ्नहर्ता’ गणपति बाप्पा का Pune में आज भव्य स्वागत हुआ। सुबह से ही पूरे शहर का नज़ारा बदल चुका था—गलियां, चौक और उपनगर रंग-बिरंगी झालरों, लाइटिंग और फूलों की सजावट से जगमगा उठे। हर कोने में उत्सव की गूँज सुनाई दे रही है। घर-घर में बप्पा की मूर्तियों की स्थापना के बाद मंत्रोच्चार, आरती और पूजा का माहौल बना हुआ है। वहीं Dagdusheth Ganpati मंडलों में ढोल-ताशों की थाप और लेज़ीम की ताल पर श्रद्धालु थिरकते नज़र आए। “गणपती बाप्पा मोरया” और “मंगलमूर्ति मोरया” के जयघोष से पूरा शहर भक्तिमय वातावरण में डूबा है। पुणे की पहचान माने जाने वाले ऐतिहासिक पेठ इलाकों से लेकर आधुनिक हाउसिंग सोसायटियों तक हर जगह बप्पा के आगमन का उल्लास साफ झलक रहा है।
मंडलों की जबरदस्त तैयारियाँ
Pune नगर निगम (PMC) के आंकड़ों के अनुसार इस साल पूरे शहर में लगभग 3,500 से 4,000 से अधिक मंडल गणपति बाप्पा की भव्य प्रतिष्ठापना कर रहे हैं। हर मंडल ने अपनी-अपनी थीम के अनुसार खास सजावट और पूजा की व्यवस्था की है—कहीं पारंपरिक रंगोली, तो कहीं LED लाइटिंग और क्रिएटिव डेकोरेशन से मंडप सजे हैं। छोटे-छोटे स्थानीय मंडल भी इस बार बड़े उत्साह के साथ भाग ले रहे हैं। वहीं, दगडूशेठ हलवाई गणपती मंडल जैसे ऐतिहासिक और प्रसिद्ध मंडल हमेशा की तरह श्रद्धालुओं के आकर्षण का मुख्य केंद्र बने हुए हैं। इन मंडलों में भक्तों की भीड़ सुबह से ही उमड़ने लगी है और आने वाले दिनों में यहाँ लाखों लोग दर्शन के लिए पहुँचने की उम्मीद है
बाजारों में रौनक, परिवारों में उत्साह
Pune के बाजारों और चौक-चौराहों पर गणेशोत्सव की रौनक साफ नज़र आ रही है। पूजा सामग्री, फूल, फल, मिठाइयाँ और सजावटी वस्तुओं की खरीदारी के लिए सुबह से ही लोगों की भीड़ दुकानों पर उमड़ पड़ी है। मंडई, लक्ष्मी रोड और कस्बा पेठ जैसे प्रमुख बाजारों में खास चहल-पहल है। जगह-जगह अस्थायी दुकानें और स्टॉल लगाए गए हैं, जहाँ रंग-बिरंगी झालरें, मूर्ति सजावट के सामान और तरह-तरह के पूजन सेट बिक रहे हैं।
महिलाएँ घर की साज-सज्जा और प्रसाद की तैयारी में जुटी हैं, वहीं बच्चे नए खिलौने, छोटे-छोटे गणेश सजावट आइटम और झंडियाँ खरीदकर बेहद खुश नज़र आ रहे हैं। कुल मिलाकर, हर घर और हर गली में त्योहार की हलचल और रंगीन नज़ारा देखने को मिल रहा है।
राज्योत्सव के रूप में गणेशोत्सव
Pune महाराष्ट्र सरकार ने इस साल गणेशोत्सव को ‘राज्योत्सव’ (State Festival) का दर्जा दिया है। यानी अब यह सिर्फ़ धार्मिक या सामाजिक उत्सव ही नहीं, बल्कि पूरे राज्य की सांस्कृतिक पहचान बन गया है। सरकार ने घोषणा की है कि 27 अगस्त से 6 सितंबर 2025 तक यह पर्व धूमधाम और आधिकारिक स्तर पर मनाया जाएगा। इस दौरान राज्य भर में विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम, झांकी प्रतियोगिताएँ, संगीत-नृत्य महोत्सव और पारंपरिक आयोजन किए जाएंगे। पुणे, मुंबई, नासिक और नागपुर जैसे बड़े शहरों के साथ-साथ छोटे कस्बों और गाँवों में भी बाप्पा के स्वागत की तैयारियाँ जोर-शोर से हो रही हैं।
सरकारी स्तर पर सुरक्षा, यातायात और स्वच्छता के लिए खास इंतज़ाम किए गए हैं, ताकि भक्त बिना किसी परेशानी के बप्पा के दर्शन और उत्सव का आनंद ले सकें।
सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतज़ाम
Pune महानगरपालिका (PMC) ने गणेशोत्सव के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। शहर भर में 429 कृत्रिम डूबकत टैंक तैयार किए गए हैं, ताकि मूर्तियों का विसर्जन पर्यावरण के अनुकूल और सुचारू ढंग से हो सके। पारंपरिक घाटों पर CCTV कैमरे, हाई-पावर LED लाइट्स, लाइफ गार्ड्स, पुलिसकर्मी और आपातकालीन रेस्क्यू टीम तैनात की गई हैं।
साथ ही, भीड़ को ध्यान में रखते हुए पोर्टेबल टॉयलेट्स, मेडिकल बूथ्स और ट्रैफ़िक नियंत्रण व्यवस्था भी की गई है। PMC का कहना है कि इस बार का उत्सव न सिर्फ़ धार्मिक और सांस्कृतिक धूमधाम का प्रतीक होगा, बल्कि सुरक्षा और स्वच्छता का भी उदाहरण बनेगा।
सांस्कृतिक मिलन और सामूहिक उत्सव
Pune का गणेशोत्सव केवल धार्मिक आस्था का ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक धरोहर और सामुदायिक एकजुटता का भी प्रतीक है। पूरे शहर में हजारों मंडलों की शोभायात्राएँ, भव्य सजावट और विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम माहौल को उत्सवमय बना रहे हैं। हर मंडल अपनी झांकी और थीम में अलग पहचान बनाने की कोशिश कर रहा है-कहीं पौराणिक कथाओं पर आधारित दृश्य सजाए गए हैं, तो कहीं सामाजिक संदेशों पर ध्यान केंद्रित किया गया है।

दगडूशेठ हलवाई गणपती मंडल जैसे ऐतिहासिक और प्रतिष्ठित मंडल इस बार भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का मुख्य केंद्र बने हुए हैं। इसके अलावा, बाहर से आए विशेष अतिथि मंडल और कलाकार भी पुणे के इस उत्सव की भव्यता को और बढ़ा रहे हैं। यह सामूहिक उत्सव Pune की सांस्कृतिक विविधता, परंपरा और आधुनिकता का शानदार संगम पेश करता है।
इस बार Pune का गणेशोत्सव हर मायने में खास है।
बाप्पा के स्वागत से लेकर मंडलों की भव्य सजावट, शोभायात्राओं की चमक और भक्तों के उत्साह तक—हर जगह आस्था और आनंद का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। पूरे शहर में भक्ति का सागर उमड़ा हुआ है, ढोल-ताशों की गूंज और “गणपती बाप्पा मोरया” के जयकारे वातावरण को और भी पवित्र बना रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, प्रशासन की आधुनिक सुरक्षा व्यवस्थाएँ और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी इस पर्व को और भी विशेष बना रही हैं।
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इस बार Pune का गणेशोत्सव हर मायने में खास है।
बाप्पा के स्वागत से लेकर मंडलों की भव्य सजावट, शोभायात्राओं की चमक और भक्तों के उत्साह तक—हर जगह आस्था और आनंद का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। पूरे शहर में भक्ति का सागर उमड़ा हुआ है, ढोल-ताशों की गूंज और “गणपती बाप्पा मोरया” के जयकारे वातावरण को और भी पवित्र बना रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, प्रशासन की आधुनिक सुरक्षा व्यवस्थाएँ और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी इस पर्व को और भी विशेष बना रही हैं।
आज का लाइव दर्शन – Pune का प्रसिद्ध दगडूशेठ हलवाई गणपति इस साल भी भव्य सजावट और भक्तों की भीड़ का केंद्र बना हुआ है। आप Dagdusheth Ganpati Live Darshan 2025 पर बाप्पा का सीधा प्रसारण देख सकते हैं।
आस्था, संस्कृति और परंपरा का यह अनोखा संगम पुणे के गणेशोत्सव को एक ऐसी छवि देता है, जो इसे सिर्फ धार्मिक उत्सव नहीं बल्कि सामूहिक उत्सव और सामाजिक एकता का प्रतीक बना देता है।
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